Devniti Sinha
अगर छुट्टी हो, कोई काम नहीं, दिमाग भी खाली तो ज़िंदगी के पन्ने पलटिए, शायद सुखद एहसास हो.
Sunday, July 4, 2010
eha
मोहब्बत एक एहसासों की पावन सी कहानी है !
कभी कबीरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !!
यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं !
जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !!
Newer Posts
Older Posts
Home
Subscribe to:
Posts (Atom)